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माउंट एवेरेस्ट नेपाल: माउंट एवेरेस्ट ट्रैकिंग से संबंधित जानकारी

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यह पृथ्वी पर स्थित सात महाद्वीपों में से एक है और यह नेपाल राज्य में स्थित है। यहाँ हिन्दी के साथ-साथ अन्य भाषाओं जैसे नेपाली, तिब्बती, और अंग्रेजी में भी संचार किया जा सकता है। एक माउंट एवरेस्ट की यात्रा पर आपको स्वास्थ्य, उच्च स्थायित्व और अनुभव की आवश्यकता होती है। यदि आप वाणिज्यिक ट्रेकिंग के लिए तैयार हैं, तो माउंट एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक सर्वोत्तम विकल्प हो सकता है। यह ट्रेक आपको बाहरी पर्वतीय परिदृश्यों का आनंद लेने के लिए अवसर प्रदान करता है  मौसम और यात्रा काल: यदि आप माउंट एवरेस्ट के लिए यात्रा करने की सोच रहे हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप मौसम की अवधि और यात्रा काल का ध्यान दें। साधारणतः, वर्ष का मार्च से मई और सितंबर से नवंबर तक का समय माउंट एवरेस्ट की यात्रा करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय पर्याप्त मौसम स्थिरता और कम बर्फ की स्थिति के साथ प्रदान करता है। यात्रा की तैयारी: माउंट एवरेस्ट ट्रेक पर यात्रा के लिए तैयारी करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं। पहले, शारीरिक रूप से स्वस्थ होना बहुत जरूरी है, इसलिए पहले ही विशेषज्ञ सलाह लें। दूसरे, आपको एक प्रशिक्...

पाताल भुवनेश्वर मंदिर पिथौरागढ़: पाताल भुवनेश्वर शिव मंदिर की यात्रा

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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पाताल भुवनेश्वर मंदिर अद्वितीय  मंदिर है जहां अंधकार में जाकर भगवान शिव की पूजा की जाती है। जो भगवान शिव के रूप जाना जाता है और पाताल भुवनेश्वर मंदिर में पूजा विधि अत्यंत मान्यता पूर्वक होती है। यहां परंपरागत रूप से जल अभिषेक, धूप, दीप, फूल और अन्न का भोग चढ़ाया जाता है। यदि आप इस मंदिर में जाते हैं, तो पूजा के लिए संगठन करने से पहले स्थानीय पुजारी से सलाह लें और इससे भी जरुरी है कि आप यात्रा के समय अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। क्योकि पाताल भुवनेश्वर मंदिर गुफा में है इसलिए यहाँ यात्रियों के लिए चैन की व्यवस्था की गयी है जिसे पकड़ कर यात्री मंदिर के अंदर प्रवेश कर सकते है और पाताल भुवनेश्वर मंदिर हिंदू धर्म के अनुसार भगवान शिव के पवित्र मंदिर के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसके आसपास कई लोग शिवरात्रि और महाशिवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार मनाते हैं। और ये भी कहा जाता है कि भगवान शिव विशेष रूप से पाताल लोक में विश्राम करने के लिए यहाँ आये थे। जहां उन्होंने पांडवों को दर्शन दिये।  इस मंदिर में जाने के लिए सबसे ...